
शुरुआत में, बेटिंग प्रणाली काफी आसान थी| मगर इसमें अधिक लाभ नहीं मिल पाता था| समय के साथ साथ नये नये उपाय आते गये| यह सब पंटर की मांग के अनुसार होता गया| बेटिंग एक्सचेंज, मुद्रा आउट के विकल्प, “सुप्त” दांव जैसी चीज़ों ने जगह ले लिया है| लाइव बेटिंग जो कि सभी यूरोपीय एवं एशियाई बूक्मेकर की पसंद है, जिन्हें हम भी सहयोग करते हैं|
अवधारणा
किसी आयोजन से पहले दांव लगाना एक तय विकल्प है| बेटर एक विकल्प चुनते हैं और उम्मीद करते हैं कि अंतिम परिणाम इनके अनुकूल रहे| यहाँ कुछ लचीलेपं की उम्मीद थी| हालाँकि, तय विकल्प बुकमेकर के लिए भी परेशानी का सबब थे| यदि वे हारते तो उन्हें काफी बड़ी रकम चुकानी पड़ती| इस मांग को ध्यान में रखते हुए लाइव बेटिंग की शुरुआत हुई|
सामान्य शब्दों में, इस प्रणाली में:
1) खिलाड़ी को गेम के दौरान दांव लगाना पड़ेगा
2) बुकमेकर उस इवेंट के मुताबिक ऑड्स में बदलाव ला सकता है
यह वक्तव्य दोनों तरीकों से काम करता है:
खिलाड़ी अपनी सम्पूर्ण जमापूंजी को जोखिम में नहीं डालता है| पूँजी आउट के विकल्प के साथ वे अच्छा खासा लाभ कमाते हुए अपनी राशि को बचा सकता है|
मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए बुकमेकर ऑड्स को बदल सकते हैं|
मुख्य दृष्टिकोण
लाइव बेटिंग को ऐसा ही होना चाहिए, उनका सबसे महत्वपूर्ण भाग है की इसे गेम को सही तरीके से पढना होगा| इसके लिए, एक खिलाड़ी को मैच के पूर्व सभी जानकारी एवं आंकडें इक्कठे करने होंगे| इसका कारण? चलिए मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ|
लीवरपूल के खेलने के पद्धति ने ही उन्हें पिछले 2 साल में विश्व के सर्वोत्तम टीम में से एक बन गये हैं| उनकी आक्रामकता, काउंटरअटैक में इनकी स्फूर्ति एवं स्कोर बनाने में निपुणता इनमें से कुछ प्रमुख कारण हैं| अतः, यदि लीवरपूल गेम के दौरान कोई खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंदी को रक्षात्मक एरिया से बाहर निकाल लेता है, तब आपको जान लेना चाहिए कि रेड की टीम अगला गोल दाग लेगी|
हाल में, मैच के आंकड़े वर्तमान समय में जानना काफी आसान हो गया है| कई वेबसाइट तो लाइव स्ट्रीम करते हैं, जोकि बेटर के लिए काफी लाभप्रद रहेगा| इन सब की सहायता से, हार के मौके कम हो जायेंगे और इसी कारण से कई खिलाड़ी पैसे बनाने के फ़िराक में रहते हैं|
क्या सभी मार्किट उपलब्ध हैं?
सामान्यतः, लाइव बेट में मार्किट की संख्या उस मैच की लोकप्रियता पर निर्भर करता है| यदि आप हमारे एजेंट के जरिये एक सबोबेट अकाउंट खोल रहे हैं , उदाहरण के लिए, आपको बड़े इवेंट के लिए कई विस्तृत मार्किट मिलेंगे, मगर कम लोकप्रिय गेमों में इतने विकल्प नहीं मिल पाएंगे| यहाँ कुछ विकल्प आपको आये दिन मिलेंगे:
फुटबॉल
- अगला गोल: कौन सी टीम अथवा कौन सा खिलाड़ी अगला गोल दागेगा
- अगला कार्ड: किस खिलाड़ी को अगला पीला अथवा लाल कार्ड दिखाया जाएगा
- कुल गोल: कुल गोल की संख्या
- गोल का अंतर: दोनों टीमों के बीच 1, 2, 3 अथवा अधिक गोल का अंतर
- प्रतिस्थापन: किस खिलाड़ी को कौन खिलाड़ी प्रतिस्थापित करेगा
- योग्यता: यह शायद नॉक आउट चरण में सबसे सामान्य मार्किट रहने वाला है| कौनसी टीम अगले चरण में क्वालीफाई करेगी|
बास्केटबॉल
- कुल पॉइंट: मैच में कुल अंक जो ओवर/अंडर नियम के तहत बने हैं
- मनी लाइन : कौन सा पक्ष जीतेगा
- क्वार्टर विजेता: टीम जो हालिया क्वार्टर जीतेगी
- क्वार्टर का खिलाड़ी: किस खिलाड़ी का मौजूदा क्वार्टर में सबसे अच्छा प्रभाव रहेगा| यह मार्किट दरअसल काफी रोचक है और इसमें केवल स्कोर की ही गणना नहीं होती| इसमें अंक, सहायता, चोरी, रिबाउंड एवं ब्लाक जैसी बातें भी मायने रखती हैं| यह सम्भव है कि कोई खिलाड़ी शून्य अंक बनाये मगर 10 रिबाउंड,3 शॉट ब्लाक किया एवं 4 सहायता की होगी तो उन्हें यह ख़िताब से नवाजा जायेगा|
- क्रंच टाइम बेटिंग: यह उन खेलों में सर्वोचित रहेगा जहाँ दो टीम अंत तक भिड़ती रहती है| यहाँ अंतिम 2 मिनट के भी काफी मायने होते हैं| इनमें कई उपश्रेणियाँ रहती हैं: विजेता, सम्भावित ओवरटाइम, गलत कॉल, छुटे हुए गलत शॉट्स व=एवं अन्य|
टेनिस
- सेट के विजेता: मौजूदा सेट कौन जीतेगा
- सटीक सेट स्कोर: मौजूदा सेट में गेम का स्कोर (6-4, 6-2, 7-6, इत्यादि…)
- मैच के विजेता: यह मैच कौन जीतेगा
- अगले गेम का विजेता: अगला गेम कौन जीतेगा
- गेम की कुल संख्या: खेले गये गेम की कुल संख्या
- कुल अंक: खेले गये कुल अंक
- सर्विस ब्रेक: कुल गेम जो सर्व करने वाले खिलाड़ी ने गंवाया|
सामान्य एवं नये खिलाडियों को एकल दांव लगाना चाहिए ताकि वे परिपक्व हो सकें| अनुभवी खिलाड़ी अपने दांवों को पार्ले अथवा एक्युम्युलेटर पर मिलाकर अधिक लाभ कमा सकते हैं| यहाँ मुख्यतः ऑड्स पर ध्यान देना होगा| वे काफी तेजी से बदलते हैं और खिलाडियों को इसी के अनुकूल बदलना पड़ेगा|
ऑड्स की गणना कैसे की जाती है?
हमने पहले ही इस बात की चर्चा कर ली थी किबुकमेकर ऑड्स की गणना कैसे करते हैं जिन्हें वे किसी भी इवेंट से पहले देते हैं| हालाँकि, लाइव बेटिंग के लिए इसकी गणना थोड़ी भिन्न है और हम इसी बात पर चर्चा करने जा रहे हैं|
कीमतों में निरंतर बदलाव होते रहते हैं| इसका मुख्य ध्येय उन इवेंट के बदलते हालातों के अनुकूल ढलना है| यदि यही केस रहा कि पसंदीदा टीम टॉप पर है और आगे बढ़ रही है तो वे दाम कम कर देते हैं| कभी कभी यह काफी तेजी से होता है| दूसरी तरफ, यदि कमजोर टीम ने टांग अड़ाई तो एक नया ही दाम सामने आ जाता है| यहाँ कई तथ्य जैसे हैंडीकैप, पिछड़ने पर पसंदीदा टीम की प्रतिक्रिया, अंडरडॉग टीम की आगे बढने पर प्रतिक्रिया, दोनों टीम का कौशल आदि मायने रखते हैं|

इनसे निपटने के लिए, लाइव बेटिंग प्रदान करने वाली बुकी ऑड्स कम्पाइलर का उपयोग करते हैं | वे बेटिंग सौदेबाज की तरह काम करते हैं, और मौजूदा हालात के अनुसार ही ऑड्स बदलते हैं| यह कठिन कार्य एक जटिल अंकगणित के जरिये किया जाता है जो प्रति सेकंड लाखों गणना कर देता है| इनके बिना लाइव बेटिंग का चलना लगभग नामुमकिन था|
बेटर को क्या करना चाहिए?
जैसा की पहले कहा गया था, नियम#1 के अनुसार ऑड्स में गिरावट एवं उछाल को देखना है| मगर क्या यह काफी है, या हमें कुछ और नियम भी देखने होंगे? यहाँ उत्तर है हाँ| और वह नियम ये हैं:
- एक सटीक लाइव स्ट्रीम प्राप्त करें : अभ्यास की पूरी बात अपने घटना की प्रगति के आधार पर सूचित निर्णय करना है । हालांकि स्क्रीन पर संख्याओं का निरीक्षण करना और निर्णय कॉल करना संभव हो सकता है, लेकिन खेल को देखना बहुत आसान है। लेकिन यहां एक पकड़ है । धारा दूसरे तक होनी चाहिए। अगर छवि आधा मिनट भी पुरानी हो तो कोई भी निर्णय सही नहीं हो सकता। ध्यान रखें कि लाइव बेटिंग को उन गंभीर स्थिति में रोक दिया जाता है जिनसे किसी परिस्थिति अथवा आंकड़ों में बदलाव आ जायेगा|
- बात सुनो : यह काफी महत्वपूर्ण है कि उस इवेंट का कमेन्ट्री सुनना| वे चीज़ों का हालिया विवरण देते हैं और महत्वूर्ण जानकारी देते हैं| यदि, उदाह्रंस्वरूप, आपने सुना “मुझे नहीं पता कि कौनसा पक्ष ऐसा कर सकता है| उनमें से किसके पास ऐसा है, अथवा कोई महत्वूर्ण खिलाड़ी आज अच्छा खेल रहा है या नहीं| उसी के अनुसार आप अपनी रणनीति बदल सकते हैं| याद रहे, ये कमेंटेटर खिलाड़ी अथवा मेनेजर होते हैं और अपने क्षेत्र में काफी अनुभवी हैं|
- कई बेटिंग अकाउंट खोलें: आप किसी एक बुकी से एक अच्छा डील पा सकते हैं जबकि दूसरी तरफ अन्य बुकी और बेहतर दाम बताएगा| यह केवल अंकगणित का खेल है और उनके ऑफर की गति का फर्क है| अतः, लाभ बढाने के लिए हरेक खिलाड़ी के पास कई बुकमेकर के अकाउंट होने चाहिए| इसी के साथ कई अकाउंट को चलाने की दिक्कतें आएँगी| हालाँकि, यहाँ चीज़ों को करने का कुछ आसान तरीका भी है| आप इस बेटिंग सोफ्टवेयर पर रजिस्टर करें , और इसे आपके मुताबिक सारे कार्य करने दें\
सारांश
जहाँ बेटर मैच-पूर्व बेटिंग, लाइव बेटिंग से सही तरीकों से पैसे बना सकते हैं| यह काफी रोमांचक तरीका है जहाँ लोगों को उस इवेंट का भरपूर लुत्फ़ उठाने का आनंद मिलता है|